अध्याय: संविधान सभा (Constituent Assembly)
संविधान सभा भारत के संविधान के निर्माण के लिए गठित हुई थी। संविधान शब्द 'सम् + विधान' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है समान कानूनों का संग्रह। यह नियमों और कानूनों का वह संग्रह है जो किसी देश की शासन व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए आवश्यक होता है।
1. संविधान की अवधारणा
- उद्देश्य: संविधान के निर्माण के लिए
- अर्थ: सम् + विधान (समान कानून)
- परिभाषा: नियमों और कानूनों का संग्रह (A collection of Rules & Laws)
- जरूरत: किसी देश का शासन व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए (Necessary for the Governance of a country)
2. संविधान के प्रतिपादक और जनक
- प्रतिपादन: इंग्लैण्ड के हेनरी मेन ने
- व्यावहारिक रूप से: फ्रांस और अमेरिका में
- विश्व में संविधान के जनक: जेम्स मेडिसन (अमेरिका)
- विश्व का प्रथम लिखित संविधान: अमेरिका
- भारतीय संविधान के जनक: डॉ. भीमराव अंबेडकर साहब
3. संविधान सभा की माँग
संविधान सभा की माँग भारत में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विभिन्न नेताओं और संगठनों द्वारा की गई थी।
- 1895: बाल गंगाधर तिलक ने (स्वराज विधेयक के माध्यम से)
- 1917: एनी बेसेंट
- 1922: महात्मा गांधी (भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छानुसार होगा)
- 1924: स्वराज पार्टी द्वारा
- स्वराज पार्टी का गठन: 1923 (प्रयागराज)
- संस्थापक: सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू
- 1934: प्रथम औपचारिक माँग (First formal demand) - एम.एन. राय (मानवेंद्र नाथ राय)
- 1935: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) द्वारा आधिकारिक माँग (Official demand)
4. साइमन कमीशन (Simon Commission)
- गठन (Formed): नवंबर 1927
- भारत आगमन (मुम्बई): 03 फरवरी 1928
- कुल सदस्य: 07 (सभी अंग्रेज)
- अध्यक्ष (Chairman): जॉन साइमन
- अन्य नाम: श्वेत आयोग
- भारत सचिव: बर्केनहेड
- नारा: "Go back Simon"
- विरोध का कारण: सभी 7 सदस्य अंग्रेज थे
5. नेहरू रिपोर्ट (Nehru Report)
साइमन कमीशन के विरोध के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के नेताओं ने चुनौती स्वीकार की।
- समिति का गठन: 10 सदस्यीय समिति।
- अध्यक्ष (Chairman): पं. मोतीलाल नेहरू।
- समय: अगस्त 1928 में रिपोर्ट पेश की गई।
💡 मुख्य तथ्य
• भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का प्रमुख योगदान था।
• संविधान सभा की माँग स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
• संविधान सभा की माँग स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।