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अध्याय 2: अक्षांश और देशांतर


अध्याय - 2: अक्षांश - देशांतर एवं भारत की स्थिति व विस्तार

इस अध्याय में ग्लोब पर अक्षांश और देशांतर रेखाओं की मूल अवधारणा, भारत के अक्षांशीय व देशांतरीय विस्तार, कर्क रेखा, मानक समय रेखा और तटरेखा से जुड़े मूल तथ्यों को शामिल किया गया है।

1. अक्षांश एवं देशांतर रेखाएँ
  • अक्षांश रेखाएँ: ग्लोब पर पूर्व से पश्चिम की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ अक्षांश रेखाएँ कहलाती हैं।
  • देशांतर रेखाएँ: ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण (ध्रुवों को मिलाने वाली) की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ देशांतर रेखाएँ कहलाती हैं।
2. भारत का अक्षांशीय व देशांतरीय विस्तार
  • मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार: 8° 4' N से 37° 6' N
  • सम्पूर्ण भारत का अक्षांशीय विस्तार: 6° 45' N से 37° 6' N
  • भारत का देशांतरीय विस्तार: 68° 7' E से 97° 25' E
3. कर्क रेखा

कर्क रेखा भारत के बीच से होकर गुजरती है और यह भारत को दो जलवायु कटिबंधों (उष्ण कटिबंध और उपोष्ण कटिबंध) में विभाजित करती है। यह भारत के 8 राज्यों से गुजरती है।

💡 स्मरण रखने की ट्रिक
ट्रिक: "छत्तीसगढ़ में मित्र पर झण्डा गिरा"
• छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, गुजरात और राजस्थान
4. भारत की मानक रेखा
  • मानक रेखा: 82 1/2° E
  • यह नैनी (प्रयागराज) नामक स्थान से गुजरती है।
  • यह भारत के 5 राज्यों से गुजरती है: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़।
5. तट रेखा एवं सीमा की लम्बाई
विवरण आँकड़े एवं लंबाई
तट रेखा को स्पर्श करने वाले कुल राज्य 9 राज्य
सबसे लंबी तट रेखा वाला क्षेत्र/राज्य अंडमान-निकोबार (1962 किमी), इसके बाद गुजरात (1215 किमी)
सबसे छोटी तट रेखा वाला राज्य गोवा (151 किमी)
मुख्य भूमि की तटरेखा की लम्बाई लगभग 6100 किमी
सम्पूर्ण भारत की तटरेखा की लम्बाई लगभग 7516 किमी
भारत की स्थलसीमा की लम्बाई लगभग 15,200 किमी
भारत की कुल सीमा रेखा की लम्बाई लगभग 22,716 किमी

Author: PassProMax Team

Last Updated: July 20, 2026