अध्याय - 10: भारत की जनसंख्या एवं नगरीकरण
किसी भी देश के सामाजिक व आर्थिक विकास के आकलन के लिए जनसंख्या अध्ययन और नगरीकरण का प्रारूप अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जनसंख्या का वितरण, घनत्व, वृद्धि दर और नगरीकरण की प्रवृत्तियाँ देश की नीतियों और संसाधनों के उपयोग को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं।
1. जनसंख्या के प्रमुख आँकड़े व वितरण
भारत में जनगणना का कार्य नियमित अंतराल पर किया जाता है। देश में जनसंख्या का भौगोलिक वितरण अत्यधिक असमान है, जिसके प्रमुख कारण भू-आकृति, जलवायु और आर्थिक संसाधन हैं:
- सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य: उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है, जिसके पश्चात महाराष्ट्र और बिहार का स्थान आता है।
- सबसे कम जनसंख्या वाले राज्य: सिक्किम और मिजोरम जैसे पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्य न्यूनतम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।
- जनसंख्या घनत्व: प्रति वर्ग किलोमीटर में निवास करने वाले लोगों की औसत संख्या को घनत्व कहते हैं, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल का घनत्व सबसे अधिक है।
2. साक्षरता और लिंगानुपात
जनसांख्यिकीय विशेषताओं में साक्षरता दर और लिंगानुपात समाज की प्रगति और विकास के सूचक माने जाते हैं:
- साक्षरता दर: कुल जनसंख्या में साक्षर लोगों का प्रतिशत, जिसमें केरल राज्य संपूर्ण देश में शीर्ष स्थान पर है।
- लिंगानुपात: प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या, जो समाज में लैंगिक संतुलन को दर्शाती है।
💡 मुख्य बिंदु
• भारत की जनगणना 2011 के अनुसार देश की कुल साक्षरता दर लगभग 74.04% दर्ज की गई थी।
• सर्वाधिक साक्षरता वाला राज्य केरल तथा न्यूनतम साक्षरता वाला राज्य बिहार है।
• सर्वाधिक साक्षरता वाला राज्य केरल तथा न्यूनतम साक्षरता वाला राज्य बिहार है।
3. जनसांख्यिकीय मुख्य संकेतक
| संकेतक / पैमाना | शीर्ष राज्य / स्थिति |
|---|---|
| सर्वाधिक जनसंख्या | उत्तर प्रदेश |
| सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व | बिहार |
| सर्वाधिक साक्षरता दर | केरल (लगभग 94%) |
| सर्वाधिक लिंगानुपात | केरल |