अध्याय - 8: भारत में खनिज संसाधन एवं उद्योग
देश के आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति में खनिज संसाधनों की उपलब्धता और उद्योगों का प्रमुख योगदान होता है। भूगर्भिक संरचना के आधार पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के धात्विक, अधात्विक और ऊर्जा खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
1. खनिज संसाधनों का वर्गीकरण
खनिजों की भौतिक एवं रासायनिक विशेषताओं के आधार पर उन्हें मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- धात्विक खनिज: जिन खनिजों से धातु प्राप्त होती है (जैसे- लौह अयस्क, मैंगनीज, तांबा, बॉक्साइट)।
- अधात्विक खनिज: जिनमें धातुओं का अंश नहीं होता (जैसे- अभ्रक, चूना पत्थर, जिप्सम, नमक)।
- ऊर्जा खनिज: जिनका उपयोग ऊर्जा और ईंधन के रूप में किया जाता है (जैसे- कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, परमाणु खनिज)।
2. प्रमुख खनिज एवं उनके उत्पादन क्षेत्र
भारत में खनिजों का वितरण असमान रूप से पाया जाता है। प्रायद्वीपीय पठार का क्षेत्र खनिजों का मुख्य भंडार माना जाता है:
- लौह अयस्क: उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और गोवा प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
- कोयला: यह मुख्य रूप से गोंडवाना कालीन चट्टानों में पाया जाता है (झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश)।
- बॉक्साइट: यह एल्युमिनियम का अयस्क है, जो झारखंड, उड़ीसा और गुजरात में प्रमुखता से मिलता है।
💡 मुख्य तथ्य
• भारत में 'छोटा नागपुर का पठार' को खनिजों का हृदय स्थल या 'भारत का रूर' कहा जाता है।
• देश का पहला लोह-इस्पात उद्योग साकची (जमशेदपुर) में स्थापित किया गया था।
• देश का पहला लोह-इस्पात उद्योग साकची (जमशेदपुर) में स्थापित किया गया था।
3. प्रमुख खनिज और उनके राज्य
| खनिज का नाम | प्रमुख उत्पादक राज्य |
|---|---|
| लौह अयस्क | ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक |
| कोयला | झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ |
| मैंगनीज | मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा |
| बॉक्साइट | ओडिशा, गुजरात, झारखंड |
| अभ्रक (Mica) | आंध्र प्रदेश, राजस्थान, झारखंड |