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अध्याय 24: जलमंडल: महासागरीय धाराएँ, लवणता एवं समुद्र विज्ञान


अध्याय 24: जलमंडल: महासागरीय धाराएँ, लवणता एवं समुद्र विज्ञान

पृथ्वी की सतह का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से आच्छादित है, जिसे सामूहिक रूप से जलमंडल (Hydrosphere) कहा जाता है। इसमें महासागर, समुद्र, नदियाँ, झीलें और भूमिगत जल शामिल हैं, जिसमें महासागरों का हिस्सा सबसे बड़ा है।

1. महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents)

महासागरीय जल का एक निश्चित दिशा में नियमित प्रवाह महासागरीय धारा कहलाता है। तापमान के आधार पर इन्हें दो प्रमुख भागों में बाँटा गया है:

  • गर्म धाराएँ (Warm Currents): ये भूमध्य रेखा (Equator) से ध्रुवों की ओर चलती हैं (उदाहरण: गल्फ स्ट्रीम, कुरोशियो धारा)।
  • ठंडी धाराएँ (Cold Currents): ये ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं (उदाहरण: लेब्राडोर धारा, पेरूवियन धारा)।
2. महासागरीय लवणता (Salinity)
विशेषता विवरण एवं आँकड़े
परिभाषा महासागरीय जल में घुले हुए कुल विलीन पदार्थों (लवणों) की मात्रा को लवणता कहते हैं।
औसत लवणता खुले महासागरों की औसत लवणता लगभग 35 प्रति हजार (‰) होती है।
मुख्य लवण समुद्री जल में सबसे अधिक मात्रा सोडियम क्लोराइड (नमक) की होती है।
3. ज्वार-भाटा (Tides)

सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण महासागरीय जल के ऊपर उठने और नीचे गिरने की प्रक्रिया को ज्वार-भाटा कहा जाता है। महीने में पूर्णिमा और अमावस्या के दिन उच्च ज्वार (Spring Tides) आते हैं।

💡 मुख्य परीक्षा उपयोगी तथ्य
• विश्व की सबसे खारे पानी की झीलों में तुर्की की वान झील (सर्वाधिक लवणता ~330‰) और जोर्डन का मृत सागर (Dead Sea) प्रमुख हैं।
• गर्म और ठंडी धाराओं के मिलने वाले स्थान मछली पकड़ने के लिए सबसे अच्छे मत्सक्षेत्र (Fishing Grounds) माने जाते हैं (जैसे- ग्रैंड बैंक)।

Author: PassProMax Team

Last Updated: July 20, 2026