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अध्याय - भारत की वनस्पतियाँ


अध्याय - भारत की वनस्पतियाँ

भारत की प्राकृतिक वनस्पतियों को उनकी ऊँचाई और भौगोलिक स्थितियों के आधार पर विभिन्न प्रकारों में विभाजित किया गया है। 1000 मीटर की ऊँचाई से लेकर अल्पाइन क्षेत्रों और ज्वारीय क्षेत्रों तक अलग-अलग प्रकार के वन पाए जाते हैं।

1. ऊँचाई के आधार पर वनों के प्रकार
  • 1000 मीटर की ऊँचाई तक: इन क्षेत्रों में आद्र पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
  • प्रमुख वृक्ष (1000 मीटर तक): साल, सागवान, शीसम, चंदन आदि।
  • 1000m से 2000m की ऊँचाई पर: इन क्षेत्रों में आद्र शीतोष्ण वन पाए जाते हैं।
  • प्रमुख वृक्ष (1000m से 2000m): ओक और चेस्टनट (चौड़ी पत्ती वाले वृक्ष)।
  • 1500-3000 मीटर की ऊँचाई तक: यहाँ शंकुधारी वन (Coniferous forest) पाए जाते हैं।
  • प्रमुख वृक्ष (1500-3000m): चीड़ (Pine), देवदार आदि।
2. अल्पाइन वनस्पति (Alpine Vegetation)

यह वनस्पति अत्यधिक ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाती है:

  • ऊँचाई सीमा: 3600 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर।
  • प्रमुख वृक्ष: सिल्वर फर, जूनिपर।
  • प्रमुख क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम।
3. ज्वारीय वन / मैंग्रोव वन (Tidal Forests)

ये वन मुख्य रूप से दलदली क्षेत्रों और डेल्टाई भागों में विकसित होते हैं:

  • सुंदरवन डेल्टा: पश्चिम बंगाल
  • कच्छ का रण: गुजरात
  • कृष्णा-गोदावरी डेल्टा: आंध्र प्रदेश
  • कावेरी का डेल्टा: तमिलनाडु
💡 मुख्य तथ्य एवं सारांश
• कम ऊँचाई पर आद्र पर्णपाती और मध्यम ऊँचाई पर आद्र शीतोष्ण व शंकुधारी वन मिलते हैं।
• अत्यधिक ऊँचाई (3600 मीटर से ऊपर) पर अल्पाइन वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।

Author: PassProMax Team

Last Updated: July 21, 2026